चुनाव से पहले विधानसभा क्षेत्रों में होंगे विकास कार्य, विधायकों को मिली निधि।
चुनाव से पहले विधानसभा क्षेत्रों में होंगे विकास कार्य, विधायकों को मिली निधि।
भोपाल (राज्य ब्यूरो)। नवंबर में होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्र में जनता की मांग के अनुरूप काम स्वीकृत कर सकेंगे। इसके लिए सरकार ने इस बार एक बार में ही ढाई करोड़ रुपये की निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि दे दी है। इसके साथ ही 50 लाख रुपये की स्वेच्छानुदान निधि भी जारी कर दी है। विधायक कार्यों को स्वीकृति देंगे और जिला प्रशासन प्रक्रिया पूरी करके आदेश जारी करेगा।
अक्टूबर में विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू हो सकती है। इसे देखते हुए विधायकों ने सरकार से मांग की थी कि इस बार निर्वाचन विकास निधि दो बार के स्थान पर एक बार में ही दे दी जाए ताकि वे अक्टूबर के पहले राशि का उपयोग कर सकें। विधानसभा की समिति ने भी इसका समर्थन किया था।
इस आधार पर वित्त विभाग की अनुमति से योजना, आर्थिक सांख्यिकी विभाग ने जिलों को वर्ष 2023-24 के लिए विधायक निधि और स्वेच्छानुदान का बजट आवंटित कर दिया है। इसकी सूचना विधायकों को भी दी गई है ताकि वे इसका उपयोग कर सकें। हालांकि, राशि पुराने हिसाब से ही दी गई है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा के बजट सत्र में स्वेच्छानुदान 50 लाख बढ़ाकर 75 लाख रुपये करने की घोषणा की थी। न तो इस हिसाब से बजट दिया गया है और न ही विभाग ने इसके आदेश जारी किए हैं। जबकि, समिति के अध्यक्ष विभागीय मंत्री जगदीश देवड़ा ही हैं।
भाजपा के वरिष्ठ विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने आयुक्त आर्थिक सांख्यिकी को पत्र लिखकर स्वेच्छानुदान के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने और समिति में जिन बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है, उनके आदेश जारी करने के लिए कहा है। उधर, आयुक्त अभिषेक सिंह का कहना है कि हमने बजट आवंटन जारी कर दिया है समिति में जिन विषयों पर सहमति बनी है, उन पर जल्द विभागीय कार्यवाही पूर्ण की जाएगी।
एक बार में बीस हजार रुपये तक दे सकेंगे स्वेच्छानुदान
विधानसभा की समिति ने एक बार में विधायकों द्वारा बीस हजार रुपये तक स्वेच्छानुदान स्वीकृत करने सहमति बनी थी पर इसके अभी तक आदेश जारी नहीं हुए हैं। वर्तमान में विधायक एक बार में दस हजार रुपये ही स्वेच्छानुदान दे सकते हैं।
*समिति में इसके अलावा मंदिर का जीर्णोद्धार, मूर्ति-प्रतिमा लगाने की अनुमति देने, उपकरण खरीदी के मामले में एक बार में पूरी राशि जारी करने,विधायक निधि स्वीकृत होने के बाद राशि पंचायत के खाते में अंतरित करने, निर्वाचन क्षेत्र के बाहर पांच के स्थान पर दस लाख रुपये स्वीकृत करने की अनुमति देने के सुझाव दिए गए थे। इन सभी पर अब विभाग को अंतिम निर्णय लेना है*